चंदौली। इफको चंदौली द्वारा नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में 'सहकारिता बिक्री केंद्र प्रभारी प्रशिक्षण कार्यशाला' का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नैनो उर्वरकों के उपयोग, फसल की बेहतर गुणवत्ता और खेती की लागत कम करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता रविकांत सिंह, इफको के रीजनल मैनेजर अक्षय कुमार पांडेय, जनपद के समस्त एडीसीओ (ADCO), एडीओ (ADO), सहकारी बैंकों के शाखा प्रबंधक, क्षेत्र अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी, मयंक कुमार सिंह, दिग्विजय सिंह तथा जनपद की प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के समस्त सचिव उपस्थित रहे।
नैनो उर्वरकों के सटीक प्रयोग की दी गई जानकारी
क्षेत्र अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी ने उपस्थित प्रभारियों एवं सचिवों को धान की फसल में नैनो यूरिया के प्रभावी इस्तेमाल का तरीका बताया। उन्होंने बताया कि धान में 15 लीटर पानी की प्रति स्प्रे टंकी में 75 एमएल (या 3 ढक्कन) नैनो यूरिया के साथ 15 एमएल नैनो जिंक मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। आगामी रबी फसल (गेहूं) के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि बुआई से पहले 5 एमएल नैनो डीएपी (DAP) प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीज उपचारित करना चाहिए। इसके अलावा, फसल की बाद की अवस्थाओं में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और सागरिका के छिड़काव के फायदों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नैनो उर्वरकों के प्रयोग से न केवल खेती की लागत में कमी आती है, बल्कि पैदावार की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
इफको के रीजनल मैनेजर अक्षय कुमार पांडेय ने इफको के अन्य उत्पादों, जैव उर्वरकों, नैनो खाद के फायदों और इससे जुड़ी विशेष योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सचिवों को नैनो उत्पादों को किसानों तक अधिक से अधिक पहुंचाने का आह्वान किया।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक रविकांत सिंह ने सभी पैक्स सचिवों को सहकारिता समितियों के माध्यम से अपना व्यापार बढ़ाने और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए।
कार्यक्रम का सफल संचालन और सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का आभार व्यक्त क्षेत्र अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी द्वारा किया गया।