सकलडीहा में तुलसी आश्रम-भोजापुर मार्ग पर 3 साल से बंद रोडवेज बस सेवा को बहाल करने की मांग तेज हो गई है। बस बंद होने से छात्र, ग्रामीण और व्यापारी महंगे ऑटो किराए की मार झेलने को मजबूर हैं।
सकलडीहा। तुलसी आश्रम-भोजापुर संपर्क मार्ग पर पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ी रोडवेज बस सेवा को पुनः चालू कराने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। बस संचालन न होने के कारण क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों, छात्रों और व्यापारियों को आवागमन में भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, लगभग तीन वर्ष पूर्व क्षेत्रीय विधायक सुशील सिंह की पहल पर रैपूरा से वाराणसी के कैंट और लंका मार्ग पर रोडवेज बस का नियमित संचालन शुरू हुआ था। उस समय बसों में यात्रियों की अच्छी खासी संख्या रहती थी। हालांकि, कुछ तकनीकी व प्रशासनिक समस्याओं का हवाला देते हुए अचानक इस सेवा को बंद कर दिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई।
छात्रों और व्यापारियों पर आर्थिक बोझ
बस सेवा ठप होने से सबसे अधिक प्रभाव उच्च शिक्षा हासिल कर रहे छात्र-छात्राओं पर पड़ा है। चंदौली जिला मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी महाविद्यालय और मुगलसराय के लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय जाने वाले विद्यार्थियों को अब रोजाना आने-जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके अलावा जिला अस्पताल और प्रशासनिक कार्यालयों तक पहुंचने के लिए लोगों को डग्गामार वाहनों व ऑटो पर निर्भर होना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऑटो चालक महज 5 से 7 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 30 से 40 रुपये तक किराया वसूल रहे हैं। प्रतिदिन की इस महंगी यात्रा से आम लोगों और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ रहा है।
दर्जनों गांवों और व्यापारिक केंद्रों को मिलेगा सीधा लाभ
क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से तुलसी आश्रम-भोजापुर मार्ग पर तुरंत बस सेवा बहाल करने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बस सेवा पुनः शुरू होती है, तो इसका लाभ केवल एक मार्ग तक सीमित नहीं रहेगा।
प्रभावित गांव: नोनार, तुलसी आश्रम, पीथापुर, फुल्ली पौरा, मनियारपुर, ओनावल, खोर के साथ-साथ परगना बुढ़वल और नरवन के दर्जनों गांव जैसे श्रीरामपुर, कवरूवां, पचखरी, जोगवां, दुबौलिया, कसवढ़, चिल्हारी, बेटाडीह, पिपरी, भैंसा पसाई और पौनी सीधे तौर पर लाभांवित होंगे।
व्यापार को संजीवनी: बस सेवा शुरू होने से तुलसी आश्रम, बहरवानी और सकलडीहा रेलवे स्टेशन के स्थानीय व्यापारियों को व्यापारिक सिलसिले में वाराणसी आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही परिवहन विभाग ने इस जनहित के मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया, तो वे सक्षम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।