सकलडीहा में हाईवे निर्माण के दौरान जल निगम की पाइप टूटने से 5 दिनों से पेयजल संकट बना हुआ है। मरम्मत न होने से परेशान व्यापारियों और ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
सकलडीहा। सकलडीहा में हाईवे का निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था की घोर लापरवाही का खामियाजा स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। बीते पांच दिनों से जल निगम की मुख्य पाइप क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिसके कारण सकलडीहा, तेंदुईपुर, नागेपुर सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों में गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है। इसके साथ ही सड़क पर निर्माण कार्य और अव्यवस्था के चलते लोग दिनभर जाम की समस्या से भी जूझ रहे हैं।
आधा दर्जन गांवों में हाहाकार, नलों से आ रहा दूषित पानी
जल जीवन मिशन के तहत जुड़े सकलडीहा, नागेपुर, ईटवा, तेंदुई, ताजपुर और बलारपुर सहित कई गांवों के हजारों उपभोक्ता नियमित पानी के लिए तरस रहे हैं। दरअसल, पांच दिन पूर्व सकलडीहा सघन तिराहे के पास हाईवे निर्माण के दौरान जल निगम की पाइप टूट गई थी। मरम्मत न होने के कारण कई घरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है, तो वहीं कई इलाकों में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है।
अधिकारियों की टाल-मटोल से लोगों में बढ़ा आक्रोश
स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या की शिकायत जल निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों से लगातार की जा रही है, लेकिन दोनों विभाग जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालकर केवल कोरमपूर्ति कर रहे हैं। प्रशासनिक हीला-हवाली से आक्रोशित ग्रामीणों और व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पेयजल आपूर्ति शीघ्र बहाल नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
मामले पर जल निगम के अवर अभियंता अवधेश कुमार पटेल ने बताया कि पाइप क्षतिग्रस्त होने के संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग के संबंधित अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत करा दिया गया है।