चंदौली। सकलडीहा पीजी कॉलेज में मनोविज्ञान विभाग एवं मैत्री बोध परिवार के संयुक्त तत्वावधान में तनाव प्रबंधन, योग, ध्यान एवं आध्यात्मिक चेतना विषय पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न तनाव से निपटने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।

​मानसिक स्वास्थ्य और संतुलित व्यक्तित्व पर जोर
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि आज के दौर में बढ़ती शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा, भविष्य की चिंता और अनियमित दिनचर्या के कारण तनाव एक बड़ी मनोवैज्ञानिक चुनौती बनकर उभरा है। डॉ. वंदना कुमारी ने भी तनाव के प्रमुख कारणों और इसके शारीरिक व मानसिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
​मुख्य वक्ता अमृतपाल सोढ़ी ने कहा कि सकारात्मक सोच, योग और संतुलित दिनचर्या के माध्यम से तनाव को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल अंक हासिल करना नहीं, बल्कि एक संतुलित, जागरूक और सकारात्मक व्यक्तित्व का निर्माण करना है।

​मैत्री बोध ध्यान रहा मुख्य आकर्षण
​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'मैत्री बोध ध्यान' का व्यावहारिक अभ्यास सत्र रहा, जिसमें कॉलेज के शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और ध्यान की बारीकियों को महसूस किया।
​कार्यक्रम का संचालन और उपस्थिति
​कार्यक्रम की संयोजिका सीता मिश्रा तथा सह-संयोजिका डॉ. वंदना कुमारी रहीं। मंच संचालन का दायित्व यज्ञ नाथ पांडेय ने निभाया, जबकि प्रो. दयाशंकर यादव ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया और डॉ. श्यामलाल यादव ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
​इस अवसर पर प्रो. शमीम राईन, डॉ. जितेंद्र यादव, डॉ. अनामिका सिंह सहित कॉलेज के कई प्राध्यापक और भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।