नोनार (तुलसी आश्रम) के 28 वर्षीय युवा दुकानदार धर्मनाथ राय की किडनी की बीमारी से मौत। परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य के निधन से बाजार बंद, व्यापारियों ने जताई शोक संवेदना।
सकलडीहा। कोतवाली क्षेत्र के नोनार (तुलसी आश्रम) बाजार के एक बेहद मेहनती और मिलनसार 28 वर्षीय युवा दुकानदार धर्मनाथ राय उर्फ धर्मू की गुरुवार को इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। वह पिछले काफी समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। कम उम्र में परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य के चले जाने से जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे क्षेत्र और बाजार में मातम छा गया है।
मृतक धर्मनाथ पिपरी ग्राम पंचायत के डिलिया गांव निवासी बालकिशुन राजभर के पुत्र थे। परिजनों ने बताया कि धर्मनाथ का इलाज पंडित कमलापति अस्पताल में चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। गुरुवार को जैसे ही उनकी मौत की खबर गांव पहुंची, परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और सांत्वना देने वालों का तांता लग गया।
एग रोल की दुकान से चलता था परिवार का गुजारा
धर्मनाथ नोनार (तुलसी आश्रम) में एग रोल और अंडे की दुकान चलाकर अपने गरीब परिवार का पालन-पोषण करते थे। अत्यंत साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले धर्मनाथ ही अपने घर में अकेले कमाने वाले थे। महज 28 साल की उम्र में उनके अचानक चले जाने से अब परिजनों के सामने रोजी-रोटी और जीवन-यापन का गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
शोक में दोपहर को ही बंद हो गया नोनार बाजार
युवा व्यापारी के निधन की खबर मिलते ही नोनार (तुलसी आश्रम) बाजार के व्यापारियों में भी शोक की लहर दौड़ गई। साथी दुकानदार के सम्मान और गम में व्यापारियों ने दोपहर में ही अपने-अपने प्रतिष्ठान स्वतः बंद कर दिए। इसके बाद बड़ी संख्या में व्यापारी मृतक के पैतृक गांव डिलिया पहुंचे, जहां उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और अपनी भावभिन श्रद्धानिध अर्पित की।
व्यापारियों ने धर्मनाथ को याद करते हुए कहा कि वह बेहद मेहनती, हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। बाजार ने आज एक उभरता हुआ युवा साथी खो दिया है।
पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक मदद की मांग
परिवार की दयनीय स्थिति और इकलौते कमाऊ सदस्य के असमय निधन को देखते हुए स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों ने चंदौली प्रशासन से पीड़ित गरीब परिवार को जल्द से जल्द उचित सरकारी सहायता और आर्थिक मुआवजा देने की पुरजोर अपील की है, ताकि असहाय परिजनों को सहारा मिल सके।