सकलडीहा। चहनियां क्षेत्र में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी), लंगड़ी और लम्पी जैसी गंभीर व संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए पशु पालन विभाग की ओर से युद्धस्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। पशु चिकित्सा अधिकारी चहनियां डॉ. मुदस्सर अली की देखरेख में एफएमडी कार्यकर्ताओं की टीमें गांव-गांव पहुंचकर पशुओं को टीके लगा रही हैं और पशुपालकों को बचाव के प्रति जागरूक भी कर रही हैं।

संक्रामक है मुंहपका बीमारी, उत्पादन पर पड़ता है सीधा असर
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुदस्सर अली ने बताया कि मुंहपका (फुट-एंड-माउथ डिजीज) एक अत्यंत संक्रामक विषाणुजनित बीमारी है, जो गाय, भैंस, भेड़, बकरी और सूअर जैसे दो-खुर वाले पशुओं को तेजी से शिकार बनाती है। लक्षण दिखने पर समय रहते बचाव न होने से स्थिति गंभीर हो सकती है। पीड़ित पशुओं में तेज बुखार के साथ मुंह, जीभ व खुरों के आसपास छाले पड़ जाते हैं, जिससे उन्हें चारा चरने और चलने में अत्यधिक पीड़ा होती है। दुग्ध उत्पादन में भारी गिरावट आने से पशुपालकों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।

जलालपुर, रिश्ती व खड़ेहरा गांव में दर्जनों पशुओं को लगा टीका
अभियान के तहत शनिवार को टीकाकरण टीम ने जलालपुर, रिश्ती और खड़ेहरा गांव में दर्जनों पशुओं का टीकाकरण किया। वैक्सीनेटर राजेश कुमार यादव ने बताया कि पशु चिकित्सा अधिकारी के निर्देशानुसार पशुपालकों के घर-घर जाकर टीकाकरण किया जा रहा है ताकि संक्रमण के फैलाव को पूरी तरह रोका जा सके।
विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों का समय पर टीकाकरण जरूर कराएं। यदि किसी पशु में बीमारी के शुरुआती लक्षण नजर आएं, तो तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र पर संपर्क कर सूचना दें।