सकलडीहा पीजी कॉलेज में ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ के तहत ‘विकसित भारत-विकसित यूपी’ पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित। प्राचार्य प्रो. प्रदीप पांडे बोले- युवाओं के संकल्प ही भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
सकलडीहा। स्थानीय सकलडीहा पीजी कॉलेज में शनिवार को ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन अत्यंत उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। इस दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी को लेकर खुलकर अपने विचार रखे।
प्रतियोगिता में महाविद्यालय के बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में युवाओं की भूमिका, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार, नवाचार, तकनीकी विकास, सामाजिक समरसता तथा आत्मनिर्भरता जैसे ज्वलंत विषयों पर तार्किक व प्रभावशाली वक्तव्य दिए। छात्रों ने सर्वसम्मति से संदेश दिया कि भारत के विकास की असली ताकत उसकी युवा शक्ति है, जिसे सही दिशा और अवसर मिलना आवश्यक है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद राजकीय हाई स्कूल मूसाखाड़ के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार श्रीवास्तव तथा राजकीय हाई स्कूल कौड़िहार के प्रधानाचार्य अरविन्द कुमार त्रिपाठी ने छात्रों के विचारों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को सशक्त बनाने के लिए ज्ञान के साथ-साथ युवाओं में सामाजिक व राष्ट्रीय उत्तरदायित्व की भावना का होना अनिवार्य है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडे ने कहा कि “25 करोड़ बच्चों और युवाओं के सपनों का भारत ही आने वाले समय का नया भारत होगा। आज की युवा पीढ़ी के सपने, संकल्प और सामर्थ्य ही देश को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत का तात्पर्य केवल आर्थिक समृद्धि नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा भी है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक प्रोफेसर दयाशंकर सिंह यादव, डॉ. राजेश यादव, डॉ. अजय कुमार सिंह यादव, डॉ. इन्द्रजीत सिंह एवं डॉ. रजनीश गुप्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।