चंदौली। डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय) जंक्शन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को चेकिंग के दौरान बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस के जनरल कोच से 43 लाख रुपये नकद बरामद करते हुए बिहार के एक युवक को हिरासत में लिया है। बरामद रकम के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर जीआरपी ने आयकर विभाग  को सूचित कर दिया, जिसके बाद टीम ने पूरी राशि को सीज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

रूटीन चेकिंग में धराया संदिग्ध
सीओ जीआरपी कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस (पटना से नई दिल्ली) के डीडीयू जंक्शन पहुंचने पर जीआरपी और आरपीएफ द्वारा रात में नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान जनरल कोच में बैठा एक युवक पुलिस को देखकर संदिग्ध लगा।
कड़ाई से पूछताछ करने पर युवक ने अपने पिट्ठू बैग में बड़ी मात्रा में नकदी रखी होने की बात स्वीकार की। बैग की तलाशी लेने पर उसके अंदर से 43 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। जब पुलिस ने इस रकम से संबंधित कागजात और वैध स्रोत दिखाने को कहा, तो वह कोई भी संतोषजनक दस्तावेज नहीं पेश कर सका।

मुजफ्फरपुर का रहने वाला है आरोपी, हवाला कारोबार की आशंका
पुलिस पूछताछ में युवक की पहचान आलोक शाह (निवासी गायघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि वह यह रकम पटना से नई दिल्ली ले जा रहा था और यह पैसा हवाला कारोबार से जुड़ा हुआ है।
युवक ने पुलिस को बताया कि उसे इस नकदी को एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचाने के बदले कमीशन मिलता था। करीब 10 लाख रुपये सुरक्षित पहुंचाने पर उसे 10,000 का कमीशन मिलने का दावा किया गया है। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपी किसी बड़े अंतरप्रांतीय हवाला गिरोह के लिए कूरियर के रूप में काम कर रहा था।

मोबाइल और कॉल डिटेल्स खंगाल रही पुलिस
43 लाख की भारी भरकम राशि की बरामदगी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच का दायरा विस्तृत कर दिया है। युवक का मोबाइल फोन जब्त कर उसके संपर्क सूत्रों और हालिया कॉल्स की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह राशि पटना में किसे सौंपी गई थी, दिल्ली में इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था, तथा क्या आरोपी इससे पहले भी इस तरह की बड़ी खेप पहुंचा चुका है। फिलहाल आयकर विभाग की टीम सीज की गई राशि और उसके वास्तविक मालिकों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।