सकलडीहा। सकलडीहा क्षेत्र के अहिकौरा स्थित डेयरी सेंटर पर शनिवार को काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के तत्वावधान में पशुपालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का संयोजन संचालक अमित मौर्य ने किया। इस दौरान पशु चिकित्सकों ने किसानों को पशुओं के सही रख-रखाव, संतुलित आहार और दूध में फैट व SNF बढ़ाकर बेहतर दाम पाने के तरीके बताए।

अम्लीयता से बचाएं और समय पर दें कृमिनाशक दवा
बैठक में डॉ. विनायक मिश्रा ने बताया कि पशुओं को हर 3 महीने पर पेट के कीड़ों (कृमि) की दवा देनी चाहिए। विशेषकर नवजात बच्चों को शुरुआती 3 महीने लगातार दवा देना जरूरी है। पशु के पेट में एसिडिटी बनने से फैट और SNF घटने लगता है, जिससे दूध का रेट गिर जाता है। इससे बचाव के लिए चारे में मीठा सोडा देना चाहिए। उन्होंने चारे में पानी मिलाकर खिलाने से परहेज करने की सलाह दी, क्योंकि इससे फैट कम हो जाता है।
डॉ. मिश्रा ने सचेत किया कि पशु की जेर (खेरी) कभी भी हाथ से न निकलवाएं, इससे दूध उत्पादन घट जाता है। रुकी हुई जेर के लिए 250 ग्राम सोंठ उबालकर 100 ग्राम सरसों के तेल के साथ दें। साथ ही, ब्याने के 45 मिनट के भीतर बच्चे को खीस (दूध) पिलाना अनिवार्य है।

डॉ. नरेंद्र पाल ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं के स्वामित्व वाली यह कंपनी सदस्यों को 95 रूपये में सीमन, घर-घर थनेला रोग की जांच और रियायती दर पर पशु आहार उपलब्ध कराती है। 200 दिन में 500 लीटर दूध देने पर कंपनी 9% ब्याज के साथ बोनस भी देती है। बैठक में बबुआ यादव, उदय मौर्य, चंदन मौर्य, सूरज मौर्य, केसर शर्मा, बुद्धू गोंड, संजय मौर्य‚ सियाराम मौर्य‚ नंन्दू मौर्य सहित कई पशुपालक मौजूद रहे।