चंदौली जिले में अतिवृष्टि और बाढ़ से करीब 9 हजार किसानों की फसलें और 674 मकान तबाह हो गए हैं। प्रशासन द्वारा मुआवजे की प्रक्रिया जारी है, लेकिन बजट की कमी से राहत मिलने की रफ्तार धीमी है।
चंदौली। प्रकृति के प्रकोप ने चंदौली जिले के किसानों की महीनों की कड़ी मेहनत पर पानी फेर दिया है। हाल ही में हुई भीषण अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण जिले में लगभग
नौ हजार किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। केवल फसल ही नहीं, बल्कि लगातार हुई मूसलाधार बारिश के चलते जिले भर में
674 कच्चे मकान भी जमींदोज हो गए। इस कुदरती आपदा से जिले की तीन तहसीलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
बजट की कमी बनी राहत में रोड़ा
आपदा के बाद जिला प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन तो कर लिया गया है, लेकिन पीड़ितों तक मुआवजा पहुँचाने की रफ्तार काफी धीमी चल रही है। इसका मुख्य कारण शासन स्तर से पर्याप्त बजट न मिल पाना है। जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने क्षतिपूर्ति के लिए राज्य शासन से 3 करोड़ रुपये के बजट की मांग की थी। हालांकि इस मांग के मुकाबले शासन से फिलहाल केवल 1 करोड़ रुपये की ही स्वीकृति मिल सकी है, जिससे राहत कार्य की गति प्रभावित हुई है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से नुकसान: बाढ़ के कारण 1,946 किसानों की लगभग 446 हेक्टेयर में लगी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। सत्यापन के बाद अब तक 1,245 किसानों के बैंक खातों में 6.21 लाख रुपये की मुआवजा राशि भेजी जा चुकी है। शेष किसानों को चरणबद्ध तरीके से भुगतान किया जा रहा है।
अतिवृष्टि से तबाही: भारी बारिश के कारण 7,846 किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। इनकी पात्रता जांच और सत्यापन का काम जारी है। अब तक केवल 495 किसानों के खातों में ही लगभग 17 लाख रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर हो पाई है।
मकानों का नुकसान: बारिश और बाढ़ से ध्वस्त हुए 674 कच्चे व पक्के मकानों के मालिकों को क्षतिपूर्ति देने के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सीधे खाते में भेजी जा रही है राहत राशि
जिला प्रशासन का दावा है कि आपदा से प्रभावित प्रत्येक पीड़ित परिवार तक मदद पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग खुद पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। चालू वित्त वर्ष में अब तक विभिन्न मदों के तहत 2,473 प्रभावित परिवारों को कुल 3.77 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों (DBT) में भेजी जा रही है।
जिलाधिकारी ने प्रभावितों को आश्वस्त किया है कि जैसे ही राज्य सरकार से अतिरिक्त बजट प्राप्त होगा, शेष बचे सभी पीड़ितों को तुरंत राहत राशि जारी कर दी जाएगी।