चंदौली। उत्तर प्रदेश सरकार की 'दिव्यांग शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना' के तहत जनपद के पात्र जोड़ों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना का लाभ उन सभी दंपत्तियों को मिलेगा जिनका विवाह 1 अप्रैल 2025 के बाद संपन्न हुआ है। योजना के तहत दिव्यांग जोड़ों को अधिकतम 35,000 तक की प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाएगी।

किसको कितनी मिलेगी प्रोत्साहन राशि?
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी रत्नेश सिंह ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दिव्यांग दंपत्तियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह सहायता दी जाती है। योजना के तहत अनुदान की दरें इस प्रकार तय की गई हैं:
केवल पति के दिव्यांग होने पर: 15,000
केवल पत्नी के दिव्यांग होने पर: 20,000
पति-पत्नी दोनों के दिव्यांग होने पर: 35,000

आवेदन के लिए आवश्यक पात्रता एवं शर्तें
योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
दिव्यांगता प्रतिशत: आवेदक के पास न्यूनतम 40 प्रतिशत का प्राधिकृत दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
मूल निवास: दंपत्ति उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो या कम से कम पिछले 5 वर्षों से राज्य में निवास कर रहा हो।
आयु सीमा: शादी के समय वधू की आयु 18 से 45 वर्ष और वर की आयु 21 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।
आवेदक आयकरदाता न हो, किसी आपराधिक मामले में दोषी न हो, पूर्व से कोई जीवित पति या पत्नी न हो तथा विवाह का कानूनी पंजीकरण (मैरिज रजिस्ट्रेशन) अनिवार्य रूप से हुआ हो।

कैसे करें आवेदन?
पात्र दंपत्ति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://divyangjan.upsdc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर आवेदन फॉर्म भरने के साथ ही वर-वधू की संयुक्त फोटो, पहचान पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, संयुक्त बैंक खाता विवरण और मैरिज सर्टिफिकेट की कॉपी अपलोड करनी होगी।
ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी (सभी संलग्न दस्तावेजों के साथ) जिला दिव्यांगजन अधिकारी कार्यालय, बिछियाकला में जमा करना अनिवार्य है।